पचास पैसे का सिक्का अभी तक वैध मुद्रा है। इसका लेन-देन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। लेकिन केंद्र सरकार ने 25 पैसे तक के सिक्कों को चलन से बाहर कर दिया है। एक आरटीआई के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक के जयपुर कार्यालय ने यह जानकारी दी है। रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंकों में सभी तरह के सिक्के जमा कराए जा सकते हैं। सिक्के जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक में पहले शिकायत करें। 30 दिन में आपकी शिकायत का संतोषजनक जवाब नहीं मिले, तो बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत की जा सकती है। जिला कलेक्टर से इसकी शिकायत हो सकती है। भारतीय मुद्रा बहिष्कार अधिनियम के तहत सिक्के नहीं लेना कानूनी अपराध है। इसके लिए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।
रिजर्व बैंक से मांगी जानकारी के तहत बताया गया है कि केंद्र सरकार ने 30 जून, 2011 को एक आदेश जारी कर 25 पैसे तक के सिक्कों को चलन से बाहर कर दिया था। लेकिन 50 पैसे के सिक्के वैध मुद्रा बने हुए हैं। लेकिन 50 पैसे, एक व दो रुपए के कितने सिक्के प्रदेश में चलन में हैं, इसकी जानकारी देने से रिजर्व बैंक ने इंकार कर दिया। रिजर्व बैंक का कहना है कि इस तरह की जानकारी से आर्थिक हित प्रभावित हो सकता है।

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