राजस्थान में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने शनिवार को रोड शो कर का चुनावी शंखनाद कर दिया, रोड शो और जनप्रतिनिधि सम्मलेन में हजारों की तादाद में जुटी भीड़ से प्रदेश में कांग्रेस के माहौल को काफी हद तक सुधार दिया लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कुछ गलतियों ने इतने बड़े कार्यक्रम के किये कराये पर पानी फेर दिया।दरअसल शनिवार को निकले राहुल गाँधी के रोड ने काफी हद तक उम्दा प्रदर्शन किया, इस दौरान पीसीसी चीफ सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच की गुटबाजी सड़क पर साफ नजर आने लगी , जयपुर में राहुल गांधी के आगमन पर कांग्रेस की ओर से लगाए गए पोस्टर और बैनर से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत नदारद हैं। गहलोत को पोस्टर में स्थान नहीं मिलने पर प्रदेश कांग्रेस के भीतर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश कांग्रस की आईटी सेल की ओर से स्वागत स्थल पर अशोक गलहोत का फोटो पोस्टर नदारद रहा, साथ ही वीडियो वाल के जरिये कांग्रेस के पिछले चार साल की कार्य को राहुल गाँधी को वीडियो दिखये उनमे से अशोक गहलोत का कहीं जिक्र नहीं किया गया , पोस्टर से अशोक गहलोत की फोटो गायब होने के चलते उनके समर्थकों में रोष व्याप्त है। गहलोत समर्थकों का कांग्रेस सियासी पारा चढ़ गया और काफी नाराज भी है, वहीँ कांग्रेस में इन दिनों चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही है,
प्रदेश में चुनाव से पहले पायलट और गहलोत के बीच रिश्तों की खटास पहली बार उजागर नहीं हुई है। आए दिन कांग्रेस के कार्यक्रमों और सार्वजनिक स्थानों पर बयानों के दौरान दोनों के बीच की गुटबाजी सामने आती रही है। हाल में प्रदेश में सीएम के चेहरे को लेकर अशोक गहलोत, पायलट और डॉ. सीपी जोशी की तरफ से हुई बयानबाजी के बाद सख्त हुए हाईकमान ने नेताओं को चेतावनी दी थी। इसके बाद बयानबाजी की तल्खी तो कम हो गई, लेकिन दोनों के बीच की गुटबाजी अंदरखाने जारी है। अब राहुल गांधी के दौरे के बीच पोस्टर से प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत का चेहरा गायब होने के बाद सियासी चर्चा जारी है।
साथ एक बड़ी गलती राहुल गाँधी ने आँख मारकर एक बार फिर चर्चाओं आ गए है, हुआ यूं कि कार्यक्रम समापन के वक़्त रहल गाँधी ने सचिन पायलट की तरफ आँख मारकर अशोक गहलोत से गले मिलने का इशारा कर दिया और पायलट आगे बढ़कर गहलोत के गले लगे, लेकिन राहुल गाँधी का आँख मारना मीडिया के कैमरे में कैद हो गयी, जो कांग्रेस के लिए बहुत भरी पद रही है।
वहीँ तीसरी गलती यह हो गयी कि कार्यक्रम समापन के वक़्त सचिन पायलट और अशोक गहलोत गले मिल रहे थे, साथ ही राहुल गाँधी और अविनाश पांडे यनि चारों बातें कर रहे थे कि सिंह खाचरियावास ने राष्ट्रगान की घोषणा करते हुए तुरंत राष्ट्रगान शुरू कर दिया जिससे राष्ट्रगान शुरू होने के पहले 10 सैकेंड वे अलर्ट नहीं हुए और राहुल गाँधी पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लग गया
इसके अलावा चौथी बात चर्चा में रही कि मंच पर राहुल गाँधी के बायें तरफ अविनाश पांडे की कुर्सी लगा दी और उसके बाद अशोक गहलोत की कुर्सी थी वहीँ राहुल गाँधी के दाएं तरफ सचिन पायलट की कुर्सी लगी हुई थी जिससे राहुल गाँधी के मंच पर आने से पहले काफी सियासी चर्चाएं गर्म रहीं और जैसे ही राहुल गाँधी मंच पर आये तो उनके साथ अशोक गहलोत और सचिन पायलट अपनी अपनी कुर्सियों पर बैठ रहे थे कि अविनाश पांडे ने अशोक गहलोत को राहुल गाँधी के पास वाली कुर्सी (जिस पर अविनाश पांडे का नाम लिखा हुआ था) उस पर बैठने को इशारा लेकिन गहलोत ने एक बार मना किया फिर सचिन पायलट ने भी गहलोत को बैठने का इशारा किया तब गहलोत राहुल गाँधी के पास वाली कुर्सी पर बैठ गए अगर यह बात अविनाश पांडे के ध्यान में नहीं आती तो राहुल गाँधी से दूर बैठने का मेसेज कार्यकर्ताओं और जनता में जाता जो कांग्रेस के लिए मुश्किलों में यह मेसेज शामिल हो जाता, यानि कुल मिलाकर कांग्रेस बेहतरीन और उम्दा रोड शो और सम्मेलन में यह गलतियां कांग्रेस के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है।














