Monday, 13 August 2018

कांग्रेस के रोड शो और सम्मलेन में इन गलतियों से हुई किरकिरी, किये कराये पर सवालिया निशान लग गए।

जयपुर। 
राजस्थान में कांग्रेस  अध्यक्ष राहुल गाँधी ने शनिवार को रोड शो कर का चुनावी शंखनाद कर दिया, रोड शो और जनप्रतिनिधि सम्मलेन में हजारों की तादाद में जुटी भीड़ से प्रदेश में कांग्रेस के माहौल को काफी हद तक सुधार दिया लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कुछ गलतियों ने इतने बड़े कार्यक्रम के किये कराये पर पानी फेर दिया।

दरअसल शनिवार को निकले राहुल गाँधी के रोड ने काफी हद तक उम्दा प्रदर्शन किया,  इस दौरान पीसीसी चीफ सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच की गुटबाजी सड़क पर साफ नजर आने लगी , जयपुर में राहुल गांधी के आगमन पर कांग्रेस की  ओर से लगाए गए पोस्टर और बैनर से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत नदारद हैं। गहलोत को पोस्टर में स्थान नहीं मिलने पर प्रदेश कांग्रेस के भीतर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश कांग्रस की आईटी सेल की ओर से स्वागत स्थल पर अशोक गलहोत का फोटो पोस्टर नदारद रहा, साथ ही वीडियो वाल के जरिये कांग्रेस के पिछले चार साल की कार्य को राहुल गाँधी को वीडियो दिखये उनमे से अशोक गहलोत का कहीं जिक्र नहीं किया गया , पोस्टर से अशोक गहलोत की फोटो गायब होने के चलते उनके समर्थकों में रोष व्याप्त है। गहलोत समर्थकों का  कांग्रेस सियासी पारा  चढ़ गया और काफी नाराज भी है, वहीँ कांग्रेस में इन दिनों चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही है,

प्रदेश में चुनाव से पहले पायलट और गहलोत के बीच रिश्तों की खटास पहली बार उजागर नहीं हुई है। आए दिन कांग्रेस के कार्यक्रमों और सार्वजनिक स्थानों पर बयानों के दौरान दोनों के बीच की गुटबाजी सामने आती रही है। हाल में प्रदेश में सीएम के चेहरे को लेकर अशोक गहलोत, पायलट और डॉ. सीपी जोशी की तरफ से हुई बयानबाजी के बाद सख्त हुए हाईकमान ने नेताओं को चेतावनी दी थी। इसके बाद बयानबाजी की तल्खी तो कम हो गई, लेकिन दोनों के बीच की गुटबाजी अंदरखाने जारी है। अब राहुल गांधी के दौरे के बीच पोस्टर से प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत का चेहरा गायब होने के बाद सियासी चर्चा जारी है।

साथ एक बड़ी गलती राहुल गाँधी ने आँख मारकर  एक बार फिर चर्चाओं आ गए है, हुआ यूं कि कार्यक्रम समापन के वक़्त रहल गाँधी ने सचिन पायलट की तरफ आँख मारकर अशोक गहलोत से गले मिलने का इशारा कर दिया और पायलट आगे बढ़कर गहलोत के गले लगे, लेकिन राहुल गाँधी का आँख मारना मीडिया के कैमरे में कैद हो गयी, जो कांग्रेस के लिए बहुत भरी पद रही है। 


वहीँ तीसरी गलती यह हो गयी कि कार्यक्रम समापन के वक़्त सचिन पायलट और अशोक गहलोत गले मिल रहे थे,  साथ ही राहुल गाँधी और अविनाश पांडे यनि चारों बातें कर रहे थे कि  सिंह खाचरियावास ने राष्ट्रगान की घोषणा करते हुए तुरंत राष्ट्रगान शुरू कर दिया जिससे राष्ट्रगान शुरू होने के पहले 10  सैकेंड वे अलर्ट नहीं हुए और राहुल गाँधी पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लग गया

इसके अलावा चौथी बात चर्चा में रही कि मंच पर राहुल गाँधी के बायें तरफ अविनाश पांडे की कुर्सी लगा दी और उसके बाद अशोक गहलोत की कुर्सी थी वहीँ राहुल गाँधी के दाएं तरफ सचिन पायलट की कुर्सी लगी हुई थी जिससे राहुल गाँधी के मंच पर आने से पहले काफी सियासी चर्चाएं गर्म रहीं और जैसे ही राहुल गाँधी मंच पर आये तो उनके साथ अशोक गहलोत और सचिन पायलट अपनी अपनी कुर्सियों पर बैठ  रहे थे कि अविनाश पांडे ने  अशोक गहलोत को राहुल गाँधी के पास वाली कुर्सी (जिस पर अविनाश पांडे का नाम लिखा हुआ था) उस पर बैठने को इशारा लेकिन गहलोत ने  एक बार मना किया फिर सचिन पायलट ने भी गहलोत को बैठने का इशारा किया तब गहलोत राहुल गाँधी के पास वाली कुर्सी पर बैठ गए अगर यह बात अविनाश पांडे के ध्यान में नहीं आती तो राहुल गाँधी से दूर बैठने का मेसेज कार्यकर्ताओं और जनता में जाता जो कांग्रेस के लिए मुश्किलों में यह मेसेज शामिल हो जाता, यानि कुल मिलाकर कांग्रेस बेहतरीन और उम्दा रोड शो और सम्मेलन में यह गलतियां  कांग्रेस के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है।

Friday, 27 July 2018

सचिन पायलट की जम्बो कार्यकारिणी जल्द होगी घोषित, कई होंगे ड्राप, कुछ होंगे प्रोमोट


जयपुर । साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस जहां हर मोर्चे को मजबूत बनाने में जुटा है, वहां संगठन में भी फेरबदल का निर्णय किया है। पायलट के टीम में कई नेताओं का प्रमोशन तो कइयों का डिमोशन हो सकता है...।
विधानसभा चुनाव को लेकर कमर कस चुकी कांग्रेस प्रदेश में सशक्त टीम उतारने के लिए कई तरह के बदलाव करने जा रही है। इसके तहत सचिन पायलट की टीम में भी फेरबदल करने का निर्णय हुआ है। पायलट की टीम से खराब परफोर्मेंस देने वाले पदाधिकारियों की छुट्टी होगी तो बेहतर परफोर्मेंस वाले पदाधिकारियों को प्रमोट किया जाएगा।

विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी पदाधिकारी हर मोर्चे को मजबूत करने में जुट गए हैं। पार्टी स्तर पर जहां प्रवक्ता और पैनालिस्ट की नियुक्ति करने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। वहीं, सचिन पायलट की जम्बो कार्यकारिणी में परिवर्तन किया जा रहा है। पायलट की टीम से नॉन परफोर्मेंस वाले पदाधिकारियों की छटनी का काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि छटनी का काम करीब-करीब पूरा हो चुका है। 

साथ ही चर्चा यह भी है कि पायलट की टीम में शामिल महासचिवों और सचिवों को प्रवक्ता पैनल में शामिल किया जाता है तो पदाधिकारी को एक ही पद मिलेगा। वे या तो संगठन में रहेंगे या प्रवक्ता बनेंगे। सूत्रों ने बताया कि प्रवक्ताओं की घोषणा भी इसी कारण से नही किया जा रहा है। क्योंकि, जिन पदाधिकारीयों को प्रवक्ता बना दिया जाएगा, उन्हे और बाकी अन्य पदाधिकारीयों के बदलाव के साथ ही होगा।

यह हो सकते हैं ड्रॉप -

हीरालाल विश्नोई उपाध्यक्ष हैं उनके बेटे जयंती विश्नोई सचिव हैं। ऐसे में एक ही रहेंगे। ज्यादा चांस है कि जयंती विश्नोई को प्रमोट कर महासचिव बना दिया जाए और हीरालाल विश्नोई को ड्रॉप किया जाए।चयनिका उनियाल महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव बन गई हैं।महेंद्र चौधरी खुद चुनाव लड़ेंगे ये जिला प्रभारी भी हैं, लेकिन, वहां ज्यादा सक्रिय नहीं हो पा रहे हैंसंगीता गर्ग, कविता मीणा, इंद्र सिंह देवड़ा, शिवकांत नंदवाना, रमा बजाज,आदित्य शर्मा ,कुलदीप राजावत, विजेन्द्र सिंह इंद्रपूरा ,सूशील आसोपा,नवीन यादव को भी ड्रॉप किया जा सकता है।रेहाना रेहाज अब राजस्थान कांग्रेस की महिला अध्यक्ष बन गई हैं।माहिर आजाद का देहांत हो चुका है।रघूवीर मीणा अब कांग्रेस वर्किंग कमेटी में शामिल हो गए हैं।इनका हो सकता है प्रमोशन

ये बन सकते हैं महासचिव

प्रशांत शर्मा ,राजेश चौधरी,कमल मीणा (पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा के पुत्र) , बालेंदू सिंह (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह के पुत्र), रतन देवासी पूर्व संसदीय सचिव को प्रमोट कर महासचिव बनाया जा सकता हैं।
सुरेश चौधरी अभी प्रवक्ता हैं, इन्हें प्रमोट कर महासचिव बनाया जा सकता है

ये बन सकते हैं उपाध्यक्ष-

जी आर खटाना,पवन गोदारा,वैभव गहलोत को महासचिव से उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है।

प्रमोद जैन भाया वर्तमान में उपाध्यक्ष पद पर हैं, इन्हे चिरंजी लाल बढाया की जगह कोषाध्यक्ष पद भी दिया जा सकता है।

प्रताप सिंह खाचरियावास अभी जिलाध्यक्ष के साथ ही प्रवक्ता भी हैं। वे जिलाध्यक्ष पर रहेंगे।

- By etv randi hindi

Wednesday, 18 July 2018

मीडिया के सवालों से घिर गई कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी

जयपुर । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बुलाई गई प्रेस कांफ्रेस में मीडिया के सवालों पर बुरी तरह घिर गईं.. जयपुर में दो दिन के लिए प्रदेशभर से मीडिया पैनलिस्ट,वक्ता और प्रवक्ताओं के लिए इंटरव्यू के लिए प्रवास पर आईं प्रियंका उस सवाल पर घिर गईं...जिसमें उन्होंने प्रवक्ता बनने की चाह रखने वाले कांग्रेसियों से यह सवाल पूछा था कि प्रदेश कांग्रेस की लीडरशिप में अशोक गहलोत और सचिन पायलट में से कौन बेस्ट है...और किसमें क्या-क्या ख़ूबी आप देखते हैं...आप व्यक्तिगत रूप से गहलोत या पायलट में से किसे पसंद करते हैं...जब मीडिया ने यह सवाल प्रियंका से पूछा..तो बंद कक्ष की बात मीडिया तक पहुंचने पर उनके चेहरे की हवाईयां उड़ गईं 
  उन्होंने इस घटनाक्रम और मीडिया में आई ख़बर को मीडिया की ही मन गढंत कहानी करार देते हुए खुदको मामले से बचाने की कोशिश की....प्रियंका ने जब मीडिया की रिपोर्टिंग पर सवाल खड़े किए तो मीडिया कर्मियों ने भी उन्हें दो टूक कह दिया..कि इंटरव्यू के बाद आप ही के कांग्रेसी वक्ता,प्रवक्ता कैंडीडेट्स ने ये सवाल मीडिया में बताए हैं..और उनकी रिकॉर्डिंग भी मीडिया के पास मौजूद है....इस पर उन्होंने खुदसे इसकी पुष्टि किए जाने की नसीहत मीडिया को दे डाली....अंदर की बात बाहर जाती देखकर मीडिया पर दोष मढ़ना राजनेताओं की आदत सी बन गई है...लेकिन सवाल ये भी उठता है कि क्या एआईसीसी के निर्देश पर अशोक गहलोत और सचिन पायलट के नेतृत्व के बारे में क्या गुपचुप ऐसे प्रवक्ताओं के माध्यम से जानकारी जुटाई जा रही है...या फिर यह कांग्रेस में भीतरी गुटबाज़ी का परिणाम है...जिसमें प्रवक्ता भी लिप्त हो गई हैं....
मामला यह था-
मीडिया पैनलिस्ट और प्रवक्ता के लिए इंटरव्यू देने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी पहुंचे कांग्रेस नेताओं की ज़ुबानी....क्या सवाल उनसे पूछा गया था...और उन्होंने इसका क्या जवाब प्रियंका चतुर्वेदी और रोहन गुप्ता को दिया है..जी हाँ,मीडिया के पास बकायदा कांग्रेस के इंटरव्यू में शॉर्ट लिस्ट किए गए..और इंटरव्यू में शामिल हुए कांग्रेस नेताओं के बयान मौजूद हैं...जो उन्होंने इंटरव्यू से निकलते ही मीडिया में दिए हैं...

न्यूज़ चैनलों पर भड़के न्यूज़ एंकर खुर्शीद रब्बानी, कहा ‘सुबह शाम मुसलमान, मुसलमान और सिर्फ मुसलमान, आखिर इससे हासिल क्या होगा?’


नई दिल्ली – बीते मंगलवार को लाईव डिबेट में जी ग्रूप के चैनल जी हिन्दुस्तान पर एक डिबेट के दौरान पेनेलिस्ट पहले आपस में तू तू मैं मैं करते रहे फिर नौबत हाथापाई की आ गई, जिसके कारण चैनल को पुलिस बुलानी पड़ी, वैसे अब न्यूज चैनलों पर होने वाली बहस जंग का अखाड़ा बनती जा रही हैं। इसे लेकर जी सलाम के एंकर और वरिष्ठ पत्रकार खुर्शीद रब्बानी ने गहरी नारजगी जाहिर की है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि आजकल तक़रीबन सभी न्यूज़ चैनेल्स पर सुबह शाम मुसलमान, मुसलमान और सिर्फ मुसलमान, इस सबसे क्या हासिल होने वाला है, क्या मुसलमानों के अलावा और कोई इश्यू नहीं बचा इस मुल्क में, दुनिया जहान की सारी बुराइयां अचानक से मुसलमानों में ही क्यूं नज़र आने लगीं, क्या सब बुराइयां या सारे इश्यूज़ टीवी डिबेट से ही हल हो सकते हैं।
उन्होंने टीवी डिबेट्स में जाने वाले मौलानाओं को भी फटकार लगाई है, और कहा है कि  इन डिबेट्स में जिस तरह से कुछ जाहिल क़िस्म के ‘मौलाना’ और so called Islamic स्कॉलर आकर चीखते चिल्लाते हैं उससे ना सिर्फ इस्लाम की इमेज को नुक़सान पहुंच रहा है बल्कि हिन्दू मुसलमानों के बीच नफ़रत, दूरियां और गलतफ़हमियां भी बढ़ रही हैं, सवाल ये है कि कब तक ये क़ौम कुछ जाहिल मौलानाओं और so-called Islamic स्कॉलर्स की वजह से यूं ही न्यूज़ चैनल्स की शिकार बनती रहेगी।
खुर्शीद रब्बानी ने कहा कि ये पूरा गेम इनकी समझ में क्यूं नहीं अा रहा, टीवी पर दिखने की इनकी लालसा और मशहूर होने की सनक ने इन सबको इतना अंधा बना दिया है कि ये ‘मौलाना’ और ‘इस्लामिक स्कॉलर’ नहीं समझ पा रहे कि ये ना सिर्फ क़ौम का बल्कि गंगा-जमुनी तहज़ीब के अलंबरदार इस मुल्क का भी उतना ही नुक़सान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर थोड़ी सी भी शर्म व हया बची है तो आज ही टीवी डिबेट्स से तौबा कर के समाज सुधार के किसी नेक काम में लग जाओ, क्योंकि हो सकता है कि टीवी ड़िबेट्स से आपका तो कुछ ‘भला’ हो रहा हो लेकिन मुल्क और क़ौम का नहीं।
अपनी बात को खत्म करते हुए उन्होंने कहा कि एक बात और, गला फाड़ फाड़ कर चीखने चिल्लाने वाले न्यूज़ एंकर्स को ना तो आपसे कोई मतलब है और ना ही आपके मुद्दों से, वे या तो अपनी नौकरी बजा रहे हैं या फिर आपको ‘गालियां’ निकाल कर ख़ुद को चमका रहे हैं।

Tuesday, 10 July 2018

कांग्रेस जल्द शुरू करेगी मास कांटेक्ट प्रोग्राम

जयपुर। भाजपा के सम्पर्क से सिददी अभियान के मुकाबले अब राजस्थान कांग्रेस हर तबके से सम्पर्क करने का अभियान शुरू करने जा रही है।राजस्थान में मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम में जरिये कांग्रेस ने अब तक अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का काम किया ।मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम आगामी एक सप्ताह में सभी 200 विधानसभाओं में पूरा हो जायेगा इसके ​ठीक बाद अब राजस्थान कांग्रेस भाजपा के सम्पर्क से सिददी अभियान से मुकाबले के लिए कांग्रेस का सम्पर्क अभियान चलाने जा रही है।इस कार्यक्रम को मेरा बूथ मेरा गौरव का दूसरा चरण कहा जा रहा है,जिसमें कांग्रेस संगठन अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मास कॉन्टेक्ट करेंगे।कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिये कांग्रेस कार्यकर्ता गली, मुहल्ले, नुक्कड, वार्डो, पंचायतों से लेकर ढाणियों में जाकर लोगों से संवाद स्थापित करेंगे।पायलट ने कहा कि कांग्रेस का संवाद भाजपा की तरह नही होगा जो फिल्म अभिनेताओ ,प्रशासनिक अधिकारीयों या उधोगपतियों पर जाकर सिमट गया था।कांग्रेस कार्यकर्ता इस अभियान के जरिये वीआईपी लोगों की बजाय उन अतिंम छोर के लोगों से सम्पर्क करेंगे जिनकी पीडा दूर करने की बजाय भाजपा ने उसे नकार दिया है।ये कार्यक्रम राजस्थान में अगले सप्ताह शुरू होगा।

कांग्रेस छोड भाजपा में ​शामिल हुए सहदेव चौधरी का चार साल में ही भाजपा से मन भरा, दल बल के साथ कि कांग्रेस में घर वापसी

जयपुर।  राजस्थान में सचिन पायलट ने जमींदारा पार्टी की विधायक सोना देवी बावरी के बाद आज एक ओर बडे नेता को भाजपा से कांग्रेस में शामिल कर लिया है हालांकी आज शामिल होने वाले नेता सहदेव चौधरी पहले कांग्रेस में ही थे और साल 2014 में वो कांग्रेस छोडकर भाजपा में शामिल हो गये थे लेकिन चार साल में ही सहदेव चौधरी का मन भाजपा से भर गया और बिना किसी शर्त के उन्होने वापस कांग्रेस पार्टी ज्वाइंन कर ली।सहदेव चौधरी ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस के नेता पहले सडकों पर नही निकलते थे लेकिन अब सचिन पायलट के नेर्तत्व में लगातार कांग्रेस सडकों पर भी उतर रही है और यूवा नेतृत्व के साथ वो रहेंगे।

नागौर ने मुख्यमंत्री तो नही बनाया लेकिन मुख्यमंत्री बनवाये जरूर हैं

पार्टी ज्वाइन करते समय सहदेव चौधरी ने बार बार दोहराया कि वो मिर्धा परिवार के साथ मिलकर एक बार फिर कांग्रेस का परचम नागोर में फहरायेंगे,सहदेव ने कहा कि नागौर के लोकदेवताओ से लेक​र नेता महान हुए है हालांकी इस दौरान नागोर से मुख्यमंत्री नही बनने की टीस भी उनकी सामने आ गयी चौधरी ने कहा कि नागौर से भले ही कोई मुख्यमंत्री ना बना हो लेकिन मुख्यमंत्री बनाने में नागौर का योगदान हमेशा रहा है।इस दौरान उन्होने कहा कि नगोर का किसान अब कांग्रेस के साथ है क्योकि भाजपा ने चुनावों में वादे तो बहुत किये लेकिन जब उन्हे पूरा करने का समय आया तो भाजपा से जनता को कुछ नही मिला।कांग्रेस में अब यूवा नेता आ रहें है जिससे पार्टी  खुद को बदल रही है पायलट का नेतृत्व रहा तो कांग्रेस को कामयाबी जरूर मिलेगी।पहले नेता नागौर में ज्यादा धूमते नही थे

भाजपा के नेताओं ने अटैची तैयार कर रखी है भाजपा उन्हे संभाले 

आज सहदेव चौधरी के दोबारा कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लेने के बाद सचिन पायलट खासे उत्साहित दिखायी दिये।पायलट ने कहा कि जो राहूल गांधी के नेतृतव पर भरोसा रखता है वो कांग्रेस के साथ जूड रहा है सहदेव चौधरी का फायदा कांग्रेस को पूरे संभाग में मिलेगा।पायलट ने साफ कहा कि सहदेव चौधरी ने बिना  शर्त के कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की है किसकों क्या जिम्मेदारी मिलेगी ये समय तय करेगा टिकट की बात समय आने पर तय कि जायेगी।वही पायलट ने भाजपा के कांग्रेसियों को पार्टी में शामिल करने का प्लान बनाने की बात पर कहा कि अभी तो भाजपा के कई नेता अटैची तैयार करके कांग्रेस की और भाग रहें है कई नेताओ से वो सम्पर्क में भी है अब भाजपा अपने घर को पहले सम्भाल लें बाद में किसी कांग्रेसी को लेने की सोचे

क्या हनुमान बेनीवाल के खिलाफ मिर्धाओं को मजबूत करने के लिए हुई सहदेव की वापसी ?

नागोर की राज​नीति में हमेशा से ही मिर्धा परिवार का बोलबाला रहा है बलदेव मिर्धा हो या हरेंन्द्र मिर्धा रिछपाल मिर्धा या​ फिर ज्योति मिर्धा ये सभी नेता मिर्धा परिवार के वर्चस्व को लगातार नागौर में बनाये हुए है लेकिन बीते दस साल इस परिवार के लिए अच्छे नही रहें और निर्दलिय विधायक हनुमान बेनीवाल ने मिर्धा परिवार की जगह जनता के मन में स्थान बना लिया।हनूमान बेनीवाल को उस क्षेत्र मे जैसे जैसे असर बढा वैसे वैसे मिर्धा परिवार कमजोर होता गया।बात करें नागौर की तो  साल 1998 में हरेन्द्र मिर्धा जीते थे लेकिन उसके बाद 2003 और 2008 मे वो नागोर से चुनाव हार गये तो 2013 कें कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया इसपर हरेन्द्र मिर्धा निर्दलिय चुनाव लडे लेकिन जीत नसीब नही हुई।वही रिछपाल मिर्धा डेगाना की सीट से लगातार दो चुनाव हार चुकें है आज शामिल हुए सहदेव चौधरी तो सीधे साल 2008 में हनुमान बेनीवाल के सामने चुनावी रण में उतरे थे लेकिन उन्हे केवल 17 हजार वाटों के साथ तीसरे स्थान पर संतोष करना पडा था।अब कांग्रेस वापस सहदेव चौधरी को पार्टी में लाकर मिर्धा परिवार को एकजूट तो कर ही रही है सा​थ ही इस परिवार को एकजूट कर हनुमान बेनीवाल के तिलिस्म को तोडना चा​हती है।कांग्रेस के वरिष्ठ जाट नेता डॉ हरी सिंह ने तो आज कह ​भी दिया कि पिछली बार जाटो के चलते ही भाजपा को 163 सीटें मिली थी अब वही जाट मिलकर कांग्रेस को इससे ज्यादा सीटें दिलवायेंगे।


Thursday, 5 July 2018

कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों को टारगेट, पूरा नहीं किया तो होगी छुट्टी

जयपुर। कांग्रेस के शक्ति प्रोजेक्ट को लेकर अध्यक्ष राहुल गाँधी ने पूरी तरह से सख्ती के साथ प्रदेश के ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश देते हुए टारगेट दिए है, फ़िलहाल प्रदेश के सभी 400 ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिए गए है कि 30 जुलाई तक प्रत्येक ब्लॉक अध्यक्ष को 200 कांग्रेस विचारधारा के लोगों का शक्ति प्रोजेक्ट में रजिस्ट्रेशन करवाना है अगर समय पर किसी ब्लॉक अध्यक्ष ने टारगेट पूरा नहीं किया तो उसकी तुरंत छुट्टी कर दी जाएगी यानि ब्लॉक अध्यक्ष पद से तुरंत हटा दिया जायेगा, राहुल गाँधी के इस सख्ती से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हलचल मच गयी है वहीँ निष्क्रिय पदाधिकारियों की नींद उड़ने लग गयी है, इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों और पीसीसी मेंबर्स को भी जल्द ही टारगेट दिए जायेंगे।  यही नहीं अच्छा काम करने वाले कार्यकर्ताओं को राहुल गाँधी सम्मानित भी करेंगे रोजाना टॉप तीन कार्यकर्ताओं को बधाई सन्देश भी भेजा जा रहा है। 30 जून तक तक़रीबन सवा लाख कांग्रेस विचारधारा के लोग शक्ति प्रोजेक्ट से जुड़ चुके है।  

Wednesday, 4 July 2018

सोनाली बेंद्रे को 'हाईग्रेड कैंसर', इन सितारों ने भी लड़ी है इस गंभीर रोग से जंग

मुंबई। अभी बॉलीवुड मशहूर अभिनेता इरफान खान के बीमार होने से ही दुखी था कि बुधवार को उसके इस दुख में और इजाफा तब हो गया जब हिंदी सिनेमा की खूबसूरत और दिलकश अदाकारा सोनाली बेंद्रे ने ट्विटर पर ये लिखा कि वो 'हाईग्रेड कैंसर' से पीड़ित हैं और अपने इलाज के लिए वो इन दिनों न्यूयॉर्क में हैं, 43 साल की नैसर्गिक सुंदरता की मालकिन सोनाली बेंद्रे की इस खबर को सुनकर हर कोई सकते में रह गया, केवल बॉलीवुड जगत ही नहीं बल्कि आम से लेकर खास तक सोनाली के लिए जल्दी से ठीक होने की कामना कर रहे हैं।


सोनाली बेंद्रे को 'हाईग्रेड कैंसर' ....

'कैंसर' का नाम सुनते ही हर किसी के मन में डर पैदा हो जाता है लेकिन अपने चारों ओर अगर हम गौर फरमाएंगे तो हमारे बीच ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने ना केवल इस गंभीर बीमारी से सफलता पूर्वक जंग लड़ी बल्कि इस जंग में विजयी भी हुए और आज खुशी और जोश के साथ अपनी लाइफ भी जी रहे हैं इसलिए सोशल मीडिया पर सोनाली के लिए दुआएं करने वालों ने सोनाली को भी कहा कि वो हिम्मत ना हारें, वो भी इस जंग में सफल होंगी।



लीजा रे-
फिल्म 'कसूर' जैसी बोल्ड फिल्म से दर्शकों के दिल में जगह बनाने वाली अभिनेत्री लीजा रे साल 2009 में कैंसर से पीड़ित थीं लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बड़ी ही बहादुरी से इस जंग का सामना किया और वो कामयाब हुईं, उन्होंने ठीक होने के बाद शादी की और अपने अपने करियर की दोबारा शुरुआत की, वो अक्सर सोशल इवेंट में नजर आती हैं।

मनीषा कोइराला -

बॉलीवुड की ILU-ILU गर्ल मनीषा कोइराला को कैंसर है, ये बात साल 2012 में सामने आई थी, जिसने भारत से लेकर नेपाल तक को हिलाकर रख दिया था। अपनी निजी जिंदगी से बेहद खफा मनीषा ने इस रोग से जमकर जंग लड़ी और साल 2014 में वो पूरी तरह से ठीक हो गईं। उन्होंने वापस अपने करियर को दिशा देने की कोशिश की और हाल ही में रिलीज हुई 'संजू' फिल्म में नरगिस दत्त का रोल निभाकर उन्होंने साबित किया कि मनीषा में अभी काफी दम है

मुमताज-
हिंदी सिनेमा की कामयाब, ग्लैमरस अभिनेत्री मुमताज भी इस भयंकर रोग का शिकार हो चुकी हैं लेकिन मुमताज ने भी इस रोग के आगे घुटने नहीं टेके और वो इस रोग से मुक्ति पा चुकी हैं और अपने परिवार संग जीवन का आनंद ले रही हैं।

अनुराग बासु-
साल 2004 में बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक अनुराग बासु को ब्लड कैंसर हो गया था हालांकि वह इससे हारे नहीं और पूरे 3 साल तक केमोथैरपी कर वापिस बॉलीवुड में लौटे। आपको बता दें कि सोनाली बेद्रें ने अनुराग बसु के साथ ही India's Best Dramebaaz को होस्ट किया है।



  




युवराज सिंह -
 भारत के मशहूर क्रिकेटर युवराज सिंह को भी कैंसर है, ये बात साल 2012 में सामने आई थी लेकिन युवी ने हिम्मत नहीं हारी और वो इस जंग में विजयी हुए, युवराज की जिंदगी एक खुली किताब है, जिसे देखकर हर कोई उनकी शक्ति, जिंदादिली का अंदाजा लगा सकता है। युवराज ने कैंसर से मुक्त होने के बाद क्रिकेट में वापसी की, उन्होंने शादी की और वो अपने पूरे परिवार संग सुखी पूर्वक जीवन बीता रहे हैं।

चिदंबरम से मुलाकात करेंगे दिल्ली के सीएम केजरीवाल, सियासी सरगर्मी बढ़ी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्साहित दिल्ली के सीएम केजरीवाल की  दिल्ली सचिवालय में कैबिनेट की बैठक बुलाई गयी, जबकि खबर ये भी है कि दिल्ली के सीएम केजरीवाल पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम से भी मुलाकात करने वाले हैं। हालांकि इस मीटिंग को लेकर ये जानकारी नहीं मिल सकी है कि किन मुद्दों पर इस दौरान बातचीत होगी।
दिल्ली सरकार के बीच अधिकारों को लेकर चल रही जंग सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर जा पहुंची थी, जहां कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सुप्रीम ने कहा कि एलजी दिल्ली के प्रशासक हैं लेकिन हर काम में बाधा नहीं डाल सकते हैं। इस फैसले को आम आदमी पार्टी अपनी जीत के रूप में देख रही है और दिल्ली सरकार खुद को बॉस मान रही है।  बता दें कि, सीएम केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि एलजी ही दिल्ली के एडमिनिस्ट्रेटिव हेड हैं और कोई भी फैसला उनकी मंजूरी के बिना नहीं लिया जाए। सुप्रीम के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के साथ जस्टिस ए के सीकरी, ए एम खानविलकर, डी वाई चन्द्रचुड़ और अशोक भूषण की पीठ ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया।

Sunday, 1 July 2018

पीसीसी ने दिया कारण बताओ नोटिस

जयपुर । सवाईमाधोपुर में शनिवार कांग्रेस के मेरा बुथ मेरा गौरव कार्यक्रम के दौरान हुई आपसी मारपीट के बाद रविवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है ।  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के निर्देशानुसार मुख्यालय प्रभारी मुमताज मसीह ने लुकमान अहमद को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया हैं । गौरतलब कि शनिवार कांग्रेस के मेरा बुथ मेरा गौरव कार्यक्रम के दौरान आईटी सेल के प्रदेश संयोजक दानिश अबरार के साथ कांग्रेस नेता मुमताज अहमद के बेटे लुकमान अहमद पर मारपीट करने का आरोप हैं । इस दौरान पीसीसी प्रभरी अविनास पांडे, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नमोनारायण मीना भी मौजुद थे ।

फिर बढ़ी पैन को आधार से लिंक करवाने की समय सीमा

नई दिल्ली। पैन को आधार से लिंक करवाने की समय सीमा एक बार फिर बढ़ गई है। सीबीडीटी नेपैन-आधार को लिंक करने की तारीख अगले साल 31 मार्च तक बढ़ा दी है। यह पांचवीं बार है जब सरकार ने पैन को आधार से लिंक करने की समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पहले पैन को आधार से लिंक करने की डेडलाइन 31 जुलाई 2017, 31 अगस्त 2017, 31 दिसंबर 2017 और 30 जून, 2018 तक बढ़ाई गई थी।
टैक्स विभाग की नीति-निर्देशक संस्था ने इनकम टैक्स एक्ट की धारा 119 के अनुसार देर रात समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया। फैसले में कहा गया है कि मामले पर विचार करने के बाद इनकम टैक्स रिटर्न दायर के लिए पैन और आधार कार्ड को लिंक करने की डेडलाइन बढ़ाई गई है। माना जा रहा है कि सीबीडीटी के फैसले के पीछे सुप्रीम कोर्ट का इस साल की शुरुआत में दिया गया वह निर्णय है जिसमें कई सेवाओं को आधार से लिंक करवाने के लिए 31 मार्च 2018 की समय सीमा तय की गई थी।
सरकार अब नया पैन कार्ड बनावाने और इनकम टैक्स दायर करने के लिए आधार को आवश्यक बनाना चाहती है। इनकम टैक्स ऐक्ट की धारा 139AA (2) के तहत जिस भी व्यक्ति के पास एक जुलाई 2017 को पैन कार्ड है और जो आधार के योग्य है, उसे टैक्स अथॉरिटी को अपना आधार नंबर की जानकारी जरूर देनी चाहिए। 

दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में धरती हिली

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र हरियाणा में था। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग डर गए और घरों-आॅफिसों से बाहर निकल आए। हालांकि, भूकंप के कारण कोई जानमान के नुकसान की खबर नहीं है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में रविवार दोपहर करीब 3.37 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता  4.0 थी और केंद्र हरियाणा के सोनीपत मेें था। 
दिल्ली और यूपी में क्यों आता हैं बार-बार भूकंप
बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली हिमालय के निकट है जो भारत और यूरेशिया जैसी टेक्टॉनिक प्लेटों के मिलने से बना था। धरती के भीतर की इन प्लेटों में होने वाली हलचल की वजह से दिल्ली और यूपी के इलाकों में भूकंप का खतरा सबसे ज्यादा है।  दिल्ली के पास सोहना, मथुरा और दिल्ली-मुरादाबाद तीन फॉल्ट लाइन मौजूद हैं, जिसके चलते भूकंप की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। दिल्ली रिज क्षेत्र कम खतरे वाला है। वहीं, दक्षिण पश्चिम, उत्तर पश्चिम और पश्चिमी इलाका मध्यम खतरे वाले क्षेत्र हैं और उत्तर, उत्तर पूर्व, पूर्वी सबसे ज्यादा खतरे वाले क्षेत्र हैं। 
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पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल का प्रेस नोट, कांग्रेस में मची खलबली


जयपुर । विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे  है और कांग्रेस में आपसी झगड़े खींचतान बढ़ती ही जा रही है, कांग्रेस के मेरा बूथ मेरा गौरव प्रोग्राम में कई बार मारपीट हाथपाई हो चुकी है टिकट को लेकर कांग्रेस में फूट रुकने का नाम ही नहीं ले रही है, और अब तो टिकटों की लड़ाई कांग्रेस में धर्म तक पहुँच गयी है 
पूर्व महापौर और पीसीसी महासचिव ज्योति खंडेलवाल के एक विवादास्पद प्रेस नोट जारी कर धर्म की सियासत कर कांग्रेस में खलबली मचा दी है। खंडेलवाल के इस प्रेस नोट से किशनपोल से टिकट पाने का भी हथकंडा कह सकते हैं। ज्योति खंडेलवाल ने बाकायदा तीन विधानसभा के हिन्दू और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या और प्रतिशत के आंकड़े जारी किए हैं। खंडेलवाल ने कहा कि किशनपोल से लगातार दो बार मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट देने से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
खंडेलवाल ने कहा कि किशनपोल के बजाय कांग्रेस को हवामहल से मुस्लिम प्रत्याशी को मैदान में उतारना चाहिए। खंडेलवाल ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उनके मुताबिक, आदर्श नगर विधानसभा में 91 हजार 515 मुस्लिम वोटर्स, हवामहल में 90 हजार 711 मुस्लिम मतदाता और किशनपोल में सबसे कम 76 हजार 912 मुस्लिम मतदाता हैं। ऐसे में किशनपोल से बार बार मुस्लिम को क्यों पार्टी मौका दे रही है। किशनपोल से मुस्लिम प्रत्याशी और वो भी किसी बाहरी को थोपने से हार का सामना करना पड़ा।  हालाँकि बाद में ज्योति खंडेलवाल ने कहा कि मेरा प्रेस नोट जारी कर धर्म की सियासत करना नहीं है, मैं कांग्रेस को बताना चाहती हु अगर कांग्रेस मुस्लिमों का भला चाहती है तो जहाँ मुस्लिम जीत रहे है वहीँ से टिकट दें,  मैं धर्म की सियासत नहीं करती कभी।  

काठमांडू में फूटा युवाओं का गुस्सा, आंदोलन का चेहरा बने सुडान गुरुंग

सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क पर उतरकर सरकार को दी चुनौती नेपाल की राजधानी काठमांडू सोमवार, 8 सितंबर को नारों और गुस्से से ग...