Thursday, 12 September 2019

वक्फ बोर्ड के तीन नए सदस्य बने, इन समस्याओं से जूझ रहा है बोर्ड...... अब उम्मीदें जगी,

जयपुर ।  प्रदेश वक्फ बोर्ड में लंबे अर्से से खाली पड़े सदस्यों के पदो के लिए आज राज्य सरकार ने तीन सदस्यों को मनोनीत कर दिया है, इसके लिए खानू खां बुधवाली, राना जैदी और असमा खान खाली को बतौर सदस्य राज्य सरकार ने मनोनीत किया है, इनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए है , करीब डेढ साल पहले राजस्थान हाईकोर्ट में वक्फ बोर्ड के तीनों सदस्यों की सदस्ता रद्द कर दी थी, जिसमें सैय्यद अबूबकर नकवी जो समाज सेवी के कोटे से सदस्य थे नकवी बोर्ड के चेयरमैन भी  बनाए गए थे, इनके अलावा सुन्नी उलेमा कोटे से  सुश्री निदा पुत्री ग्यासुद्दीन  और एक शिया उलेमा कोटे से सैयद अफ़रोज़ ज़ैदी सस्दय रहे है जिनकी सदस्य्ता रास्थान हाईकोर्ट ने रद्द कर दी थी।  उसके बाद यह तीनो पद खाली  थे, उसके बाद न तो बोर्ड पूरा था न ही बोर्ड का कोई स्थाई अध्यक्ष रहा, वक्फ बोर्ड में तब से कामकाज अटके हुए हैं,  इसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी,  इसलिए राज्य सरकार ने सरकारी छुट‌्टी होने के बाद भी 10 सितंबर 2019 को देर रात तीनों सदस्यों को मनोनीत करने के आदेश जारी कर दिए ताकि सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर जवाब पेश किया जा सके,

 इन तीन सदस्यों के मनोनयन के बाद राजस्थान में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार खानू  खां बुधवाली आ गए हैं,  राजस्थान वक्फ बोर्ड, ने 9 मार्च 2016 को बोर्ड के तीन सदस्य मनोनीत किये थे, उसके बाद 5 दिसम्बर 2017 को हाईकोर्ट में तीनों सदस्यों की योग्यता को टोंक निवासी नजी़र हसन ने चैलेज किया तो जस्टिस मनीष भंडारी की अदालत ने उनकी योग्यता रद्द कर दी थी, जब से लेकर मामला जारी है, आगे इसे सुप्रीम केार्ट में भी चैलेंज किया गया, लेकिन 2017 के बाद से वक्फ बोर्ड में न कोई नया काम हो पाया न कोई नई प्लानिंग हो पाई, इस दौरान वक्फ जायादादों पर अतिक्रमण हटाने के काम रुक गए, नई किराया नीति को लेकर नये फैसले नहीं किये जा सके, जिला समितियों को लेकर भी ज्यादातर  फैसले अटके हुए हैं, वक्फ एक्ट और वक्फ जायदादों को लेकर लंबे समय से हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में संघर्ष कर रहे  वक्फ बोर्ड में कुल 9 सदस्य होते हैं, इसमें मुस्लिम सांसद कोटे से एक सदस्य, एक सदस्य मुस्लिम विधायक कोटे से, एक सदस्य मुस्लिम बार कौंसिल सदस्य के कोटे से, दो सदस्य वक्फ जायाजादों के मुतवल्ली कोटे से, एक सदस्य मुस्लिम प्रशासनिक अधिकारी आईएएएस या आरएएस अधिकारी में से, और तीन सदस्य राज्य सरकार द्वारा मनोनीत किये जाते हैं, इनमें एक समाज सेवी, एक सुन्नी उलेमा, और एक शिया उलेमा कोटे से  होना जरूरी है, 3 सदस्यों के मनोनयन के साथ ही विधायक कोटे से सदस्य को शामिल करने के लिए भी बोर्ड मे विधायक कोटे से सदस्य का चुनाव होगा इसके लिए जिला कलक्टर को चुनाव कराने के लिए वक्फ बोर्ड ने पत्र भेज दिया है,
वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा मनोनीत किए गए तीनो सदस्य के अलावा सांसद कोटे से अश्क अली टाक,  बार कौंसिल सदस्य के कोटे से नासिर अली नकवी, मुतव्वली कोटे से मोहम्मद यूसुफ खान (जो कार्यवाहक अध्यक्ष है) , मुतव्वली कोटे से  शौकत कुरैशी, प्रशासनिक अधिकारी कोटे से जमील अहमद कुरैशी  सदस्य है और विधायक कोटे से पद  खली जिस पर चुनाव करवाकर पद भरा जाएगा।  वर्तमान बोर्ड 2021 तक चलेगा उसके बाद सभी सदस्य दुबारा से बनाए जाएंगे, नए मनोनीत तीनो सदस्य डॉ. खानु खान बुधवाली, डॉ. राना ज़ैदी  और  अस्मा खान ने गुरुवार को राजस्थान वक्फ बोर्ड पहुंचकर जोइनिंग कर ली है, बोर्ड के सीईओ सैयद मुकर्रम शाह ने सदस्यों को जोइनिंग करवाई ।


 बोर्ड के तमाम सदस्य नियुक्त हो जाने के बाद जल्द ही वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा, इस पूरी प्रक्रिया में एक डेढ़ महीने का वक्त लग सकता है, उसके बाद 5 दिसंबर 2017 के बाद से वकफ बोर्ड के अटके कामकाज को तेज़ी मिलेगी


राजस्थान सरकार ने 10 सितम्बर 2019 को देर रात आदेश जारी कर मनोनीत  किए तीन सदस्य डॉ.  खानु खान बुधवाली, अस्मा खान और डॉ. राना जैदी हैं



डॉ.  खानु खान  बुधवाली
डॉ.  खानु खान  बुधवाली राजस्थान प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष हैं, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के दो बार  प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं, प्रदेश कांग्रेस में सचिव, प्रदेश यूथ कांग्रेस के महासचिव और एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव रह चुके है बुधवाली 









श्रीमती अस्मा
श्रीमती अस्मा पत्नी सादिक़ खान जोधपुर निवासी हैं अस्मा को सुन्नी आलिमा के तौर पर सदस्य बनाया गया है,  वर्तमान में जोधपुर के मौलाना आज़ाद महिला बीएड कॉलेज में व्याख्याता के पद पर कार्यरत हैं अस्मा ने हैदराबाद से आलिमा डिग्री प्राप्त की हैं








डॉ. राना जैदी आईपीएस हैदरअली जैदी की पत्नी है, राना जैदी वर्तमान में राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं



पढ़ने के बाद अपनी प्रतिक्रिया  दीजिये 

No comments:

Post a Comment

काठमांडू में फूटा युवाओं का गुस्सा, आंदोलन का चेहरा बने सुडान गुरुंग

सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क पर उतरकर सरकार को दी चुनौती नेपाल की राजधानी काठमांडू सोमवार, 8 सितंबर को नारों और गुस्से से ग...